देवरिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है। फैसले में वक्फ बोर्ड के साथ जामा मस्जिद और इसके आसपास की जगहों का सर्वे कराए जानें का आदेश दिया गया है। ये आदेश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया गया है।
याचिका में क्या था?
दरअसल यह फैसला एक याचिका पर सुनाया गया है, इस याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि जामा मस्जिद और इसके आसपास की जगहों पर अवैध निर्माण किया गया है साथ ही जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित करने की भी मांग इस याचिका में की गई थी। इसके अलावा जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी द्वारा शाही इमाम उपाधि के इस्तेमाल और उनके बेटे को नायब यानी उप इमाम के रूप में नियुक्त करने पर भी आपत्ति जताई गई थी।
हाई कोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
बता दें कि इस फ़ैसले के साथ ही हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को वक्फ बोर्ड के साथ मिलकर सर्वे करने और इस सर्वे का उद्देश्य और जामा मस्जिद के प्रबंधन में वक्फ बोर्ड की भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा है।
अदालत ने वक्फ बोर्ड से किये सवाल
हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड को जामा मस्जिद के संरक्षण और सुरक्षा के संबंध में सुझाव प्रस्तुत करने का फरमान दिया हैं। अदालत ने वक्फ बोर्ड से यह भी पूछा है कि मस्जिद की प्रबंध समिति के संविधान में क्या किसी भी प्रकार का परिवर्तन किया गया है?
13 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई करने के लिए 13 दिसंबर का दिन निर्धारित किया है साथ ही साथ कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को और वक्फ बोर्ड से चार सप्ताह में इस पूरे मामले पर रिपोर्ट पेश करने करने के भी निर्देश दिए है।