देवरिया। उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्य़ा बढ़कर चार हो गई है। रविवार को जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान वहां हिंसा भड़की थी। हिंसा में गोली लगने से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकी एक घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसकी सोमवार को मौत हो गई।मरने वालों की संख्या बढ़ने की जानकारी सीनियर पुलिस अधिकारी ने दी है।

संभल में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
हिंसा के बाद संभल में पैदा हुए तनावपूर्ण माहौल के मद्देनजर जिला प्रशासन ने आगामी 30 नवंबर तक जिले में ‘‘बाहरी’’ लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अब किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन या जनप्रतिनिधि को जिले में दाखिल होने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

क्या है पूरा मामला?

संभल के स्थानीय अदालत में एक याचिका दायर कर दावा किया गया है कि जामा मस्जिद है, वहां पहले हरिहर मंदिर था। सुप्रीम कोर्ट के वकील और याचिकाकर्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि दीवानी न्यायाधीश की अदालत ने जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के लिये ‘एडवोकेट कमीशन’ गठित करने के निर्देश दिये थे, जिन्होंने 24 नवंबर को सर्वे की शेष कार्यवाही की। सर्वे के दौरान मुस्लिम समुदाय ने भारी विरोध प्रदर्शन किया जो बाद में हिंसा में बदल गया।

पुलिस अधिकारियों को भी आई चोट
हिंसा के दौरान हुई गोलीबारी तथा पथराव में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है वहीं कुल 20 लोग जख्मी हो गए। उसने बताया कि पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) संजीव कुमार के पैर में गोली लगी है जबकि उप जिलाधिकारी रमेश चंद्र के पैर की हड्डी टूट गई है। पुलिस ने बताया कि संभल के पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार को भी छर्रे लगे हैं।हिंसा के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुए संभल तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं तथा 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल सोमवार को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।