देवरिया। 19 मार्च गुरुवार से चैत्र नवरात्र शुरु हो चुका है। चैत्र नवरात्र की एकम तिथी ही हिंदू नववर्ष भी मनाया जाता है। नवरात्र के साथ ही देशभर में व्रत और पूजा का दौर शुरू हो गया है। माता के भक्त 9 दिनों तक व्रत और नियम का पालन करते हैं। 9 दिनों तक चलने वाला यह व्रत धार्मिक आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक कारणों से भी फायदेमंद माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही तरीके से व्रत रखने पर यह शरीर को डिटॉक्स करने और एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं व्रत से जुड़ा विज्ञान और व्रत करने का सही तरीका।

ना होने दें पानी की कमी

व्रत के दौरान अक्सर लोग पानी कम पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दिनभर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों का जूस भी लेते रहें, ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।

जरूरी है संतुलित आहार

व्रत के दौरान पूरी तरह भूखे रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। इसलिए कुट्टू का आटा, सिंघाड़ा, समा के चावल जैसे हल्के और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। साथ ही मखाना, मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स खाने से शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है।

बदलते मौसम के लिए सही है व्रत  

चैत्र नवरात्र उस समय आता है जब मौसम बदल रहा होता है। आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान शरीर का संतुलन थोड़ा बिगड़ सकता है और पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। ऐसे में व्रत रखना शरीर को इस बदलाव के अनुसार ढालने में मदद करता है और बीमारियों से बचाव करता है।

पाचन तंत्र को मिलता है आराम

रोजाना भारी और मसालेदार खाना खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है। व्रत के दौरान हल्का और सात्विक भोजन लेने से डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है। यह प्रक्रिया शरीर को रीसेट करने की तरह काम करती है, जिससे पाचन बेहतर होता है।

अग्नि को सक्रिय करता है व्रत

आयुर्वेद में पाचन शक्ति को ‘अग्नि’ कहा जाता है। जब यह कमजोर हो जाती है, तो शरीर में कई समस्याएं होने लगती हैं। व्रत रखने से यह अग्नि दोबारा सक्रिय होती है और शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलने लगते हैं। इसी वजह से व्रत के कुछ दिनों बाद शरीर हल्का और ताजा महसूस करता है।

मेंटल डिटॉक्स करता है व्रत

व्रत सिर्फ शरीर ही नहीं, मन को भी शांति देता है। इस दौरान लोग ध्यान, पूजा और संयम का पालन करते हैं, जिससे तनाव कम होता है। इसे एक तरह का “मेंटल डिटॉक्स” भी कहा जा सकता है, जो मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

थोड़ी-थोड़ी देर में लेते रहें आहार

व्रत के दौरान प्यास या भूख लगने का इंतजार न करें। थोड़े-थोड़े समय में फल, ड्राई फ्रूट्स या तरल पदार्थ लेते रहें। इससे शरीर का एनर्जी लेवल बना रहता है और कमजोरी महसूस नहीं होती।