देवरिया। 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी ने अपना 45वां स्थापना दिवस मनाया। स्थापना दिवस को खास बनाने के लिए देशभर में बीजेपी कार्यकर्ता और नेताओं ने बीजेपी मुख्यालयों में बड़े आयोजन किए। इस दिन को यादगार बनाने के लिए बीजेपी ने लगभग एक लाख लोगों को पार्टी में शामिल करने का लक्ष्य रखा। बीजेपी आज देश की सबसे बड़ी शक्तिशाली पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है, बात चाहे संसद में प्रतिनिधित्व की बात हो या बात पार्टी के सदस्यों की।
इस तरह बनी भारतीय जनता पार्टी
देश की सबसे मजबूत पार्टी के सफर की शुरुआत साल 1980 में 6 अप्रैल को हुई थी। कुछ लोगों से शुरु हुई यह पार्टी आज आने वाले लोकसभा चुनावों में 370 सीट और NDA गठबंधन 400 सीटों पर जीत का दावा बड़े ही आत्मविश्वास से कर रही है। भाजपा की स्थापना की नींव उस वक्त ही पड़ गई थी जब महात्मा गांधी की हत्या के बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हिंदू महासभा से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने संघ के सहयोग से 21 अक्तूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना की। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने खुद अध्यक्ष पद संभाला और उपाध्यक्ष का पद चंद्रमौली शर्मा को दिया गया। इसके बाद कई लोगों ने भारतीय जनसंघ की कमान संभाली जिनमें अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी भी शामिल रहे।
1977 में जनता पार्टी में शामिल हुई भारतीय जनसंघ
साल 1977 में जनसंघ पार्टी ने जनता पार्टी के साथ विलय कर लिया। जनता पार्टी में विलय के साथ ही जनता पार्टी सरकार में जनसंघ की तरफ से लाल कृष्ण आडवाणी सूचना प्रसारण मंत्री और अटल बिहारी वाजपेयी विदेश मंत्री बनाए गए। लेकिन 1979 में मोरारजी देसाई की सरकार गिर गई। अब जनता पार्टी के बड़े नेताओं ने अपने अस्तित्व को मजबूती से बनाए रखने के लिए एक नई पार्टी की स्थापना की जरूरत महसूस हुई। इसी जरूरत की वजह से 6 अप्रैल 1980 को मुंबई में एक नई राजनैतिक पार्टी की स्थापना हुई, जिसे हम आज “भारतीय जनता पार्टी” के नाम से जानते हैं। 6 अप्रैल की तारीख चुनने के पीछे भी एक वजह है, वह यह है कि इसी दिन 1930 को महात्मा गांधी ने डांडी यात्रा के बाद नमक बनाकर काला कानून तोड़ा था।
45 सालों में इस तरह ताकतवर बनी बीजेपी
अपने गठन के बाद बीजेपी ने धीरे-धीरे पार्टी को संगठित किया और देश की जनता कांग्रेस के बाद और भी दूसरे दलों से परिचित हो रही थी। मध्यावधि चुनावों के लिए बीजेपी, शिवसेना, समता पार्टी, बीजू जनता दल, अकाली दल और एआईडीएमके ने गठबंधन किया और एनडीए अस्तित्व में आई। परिणामों में बीजेपी को 182 सीटें मिलीं। अटल बिहारी वाजपेयी दूसरी बार पीएम पद पर बैठे लेकिन 13 महीने बाद वाजपेयी सरकार गिर गई। सरकार बनने गिरने के बीच बीजेपी ने खुद का संगठन नहीं खोया और आगे बढ़ती रही। परिणाम स्वरूप 1999 के चुनाव में भाजपा एक बार फिर वियज पताका फहराई। एनडीए को 303 सीटें मिलीं। इस बार वाजपेयी सरकार ने अपने 5 साल पूरे किए।
बीजेपी के लिए स्वर्णिम रहा वर्ष 2014
साल 2014 बीजेपी के लिए स्वर्णिम साल रहा इस बार बीजेपी ने 283 सीटों के साथ रिकॉर्ड जीत दर्ज की और नरेंद्र मोदी ने नया इतिहास रच दिया। इसके बाद 2019 में जीत का आकंड़ा और बढ़ाया और अपना खुद का ही रिकॉर्ड तोड़ा। इसबार बीजेपी के हिस्से 300 से ज्यादा सीटें आईं, वहीं पूरी एनडीए ने 350 से ज्यादा सीटें जीतीं। 1980 में जब देश में कांग्रेस पार्टी का जोर था तब शायद किसी ने सोचा नहीं था कि एक दिन यह पार्टी इतनी बड़ी बन जाएगी। इस लिए आज स्थापना दिवस पर देशभर में इसे महाउत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने ट्विट कर दी बधाई
स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने ट्विट कर बीजेपी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और उनका हौसला बढ़ाते हुए लिखा कि- “भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर देशभर के मेरे कर्मठ और परिश्रमी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। आज बीजेपी की उन सभी महान विभूतियों। को नमन करने का दिन है, जिन्होंने वर्षों की अपनी कड़ी मेहनत, संघर्ष और त्याग से पार्टी को सींचकर इस ऊंचाई तक पहुंचाया है। मैं आज पूरे विश्वास के साथ कह के साथ कह सकता हूं कि बीजेपी देश की सबसे पसंदीदा पार्टी है, जो ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ जन-जन की सेवा में जुटी है। उन्होंने आगे लिखा कि हमें NDA का अभिन्न अंग होने पर भी गर्व है, क्योंकि यह गठबंधन देश की प्रगति और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को साथ लेकर भारत को आगे ले जाने में विश्वास रखता है। NDA एक ऐसा गठबंधन है, जो देश की विविधता के खूबसूरत रंगों से सजा है। हमारी यह साझेदारी बहुत अहम है और मुझे पक्का विश्वास है कि आने वाले वक्त में हमारा यह गठबंधन और भी मजबूत होगा।”
