देवरिया । भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट गुरुवार से नागपुर के वीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए चार मैचों की सीरीज में दोनों टीमों के लिए काफी कुछ दांव पर लगा होगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए भारत का दौरा चुनौतियों से भरा होने वाला है।
भारत दौरे आए खिलाड़ियों में बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले डेविड वार्नर, स्टीव स्मिथ, पीटर हैंड्सकॉम्ब और मैट रैनशॉ के अलावा टीम में सभी बल्लेबाज पहली बार भारत में टेस्ट मैच में बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे। टीम के स्टार बल्लेबाज कहे जाने वाले मार्नस लाबुशेन की भी अबकी बार भारत की स्पिन पिच पर परीक्षा होगी। ऐसे में टीम के बाकी बल्लेबाजों के सामने एक बड़ा चैलेंज होगा।
आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया ही नहीं साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड जैसे देशों के खिलाड़ियों को भारतीय पिचों पर बल्लेबाजी करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। हालांकि हर एक टीम के एक दो बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुसार खेल दिखाते हुए भारी भरकम स्कोर भी बनाया है। डेविड वार्नर, स्टीव स्मिथ और मैट रैनशॉ के आंकड़ों को देखा जाए तो ऐसा लगता है कि वह अपने नवोदित खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे मार्नस लाबुशेन और उस्मान ख्वाजा जैसे खिलाड़ी फायदा उठाएंगे।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आखिरी बार 2004 में भारत में 2-1 से टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की थी। उसके बाद से ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए यहां टेस्ट सीरीज जीतना एक सपना बनकर रह गया है। इसीलिए पिछले दिनों टीम के उप कप्तान स्टीव स्मिथ ने कहा था कि भारत में टेस्ट सीरीज जीतना इंग्लैंड में एशेज जीतने से भी बड़ा है। यहां पर स्टीव वा, मार्क टेलर, रिकी पोंटिंग, स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गज खिलाड़ी सीरीज जीतने में नाकाम रहे हैं।
- डेविड वार्नर ने भारत के खिलाफ 18 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 34 पारियों में 33.76 की औसत से कुल 1148 रन बना चुके हैं। जिसमें 4 शतक व 3 अर्धशतक शामिल हैं। ये तीनों अर्धशतक भारत की पिचों पर लगाए हैं।
- स्टीव स्मिथ ने भारत के खिलाफ कुल 14 टेस्ट मैच की 28 पारियों में 1742 रन बना चुके हैं। जिसमें वह 72.58 की औसत से रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 8 शतक व 5 अर्धशतक लगाए हैं। भारत की पिचों पर वह कई शतक लगा चुके हैं। इसमें पुणे की पिच पर 109 रन, रांची में 178 रन और धर्मशाला में 111 रन की पारी शामिल है।
- पीटर हैंड्सकॉम्ब ने भारत के खिलाफ कुल 7 मैच खेले हैं, जिसमें 13 पारियों में कुल 303 रन बना सके हैं। इस दौरान वह पुणे, बेंगलुरू, धर्मशाला और रांची की पिचों पर कुल 4 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें 72 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा है।
- मैट रैनशॉ ने भारत के खिलाफ 4 टेस्ट मैच खेले हैं। वह सारे टेस्ट मैच भारत की पिचों पर ही खेले हैं, जिसमें दो अर्धशतक के साथ 29 रन की औसत से 232 रन बना चुके हैं। वह पुणे, रांची, धर्मशाला व बेंगलुरू की पिचों पर खेल चुके हैं।
- मार्नस लाबुशेन ने भारत के खिलाफ अब तक खेले गए 5 टेस्ट मैच की 9 पारियों में 51.55 की औसत से 464 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक व 2 अर्धशतक शामिल हैं। लेकिन वह भारत के पिच पर टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। इसलिए यहां के पिच पर उनकी बैटिंग स्किल्स की परीक्षा होगी।
- उस्मान ख्वाजा ने भारत के खिलाफ 4 टेस्ट मैच की 8 पारियों में केवल 198 रन बना पाए हैं। उस्मान ख्वाजा ने भारत के खिलाफ सारे मैच अपने देश में ही खेले हैं। ऐसी स्थिति में उनको यहां सफल होने के लिए काफी मशक्कत करनी होगी।
- कैमरॉन ग्रीन ने भी भारत के खिलाफ कुल 4 टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया में ही खेले हैं, जिसकी 7 पारियों में केवल 236 रन बना पाये हैं। इसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है।
- ट्रेविस हेड ने भी भारत के खिलाफ कुल 6 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें सारे मैच ऑस्ट्रेलिया में ही खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 10 पारियों में 299 रन बनाए हैं। जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं।
स्पिनर्स पर होगा भरोसा
वैसे गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया का स्पिन अटैक का नेतृत्व नाथन लायन और फिंगर स्पिनर एश्टन एगर संभालने वाले हैं। अगर इनकी फिरकी चली तो भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। लायन बहुत अनुभवी गेंदबाज हैं। भारत में वे ऑस्ट्रेलिया के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज के तौर पर गिने जाते हैं। कभी कभी मैच में जरुरत पड़ने पर स्टीव स्मिथ भी स्पिन गेंदबाजी कर सकते हैं। बेंगलुरु के अलुर में प्रैक्टिस के दौरान उन्हें गेंदबाजी करते हुए देखा गया था।