देवरिया। दिल्ली शराब घोटाला मामले में फंसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। केजरीवाल को कोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले जमानत दे दी है। केजरीवाल को एक लाख रुपए के मुचलके पर यह जमानत मिली है इससे पहले इसी मामले में गिरफ्तार आप के पूर्व सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। केजरीवाल शुक्रवार को जेल से बाहर आ सकते हैं।
दोनों पक्षों की 2 दिनों तक सुनवाई के बाद मिली जमानत
राउज एवेन्यू कोर्ट की वेकेशनल जज न्याय बिंदु ने केजरीवाल और ईडी दोनों पक्षों की दलीलें दो दिनों तक सुनी जिसके बाद यह आदेश पारित किया गया। इससे पहले उन्होंने दिन में दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। आदेश सुनाए जाने के बाद ईडी ने अनुरोध किया कि क्या जमानत बांड पर हस्ताक्षर करने को 48 घंटे के लिए टाला जा सकता है ताकि आदेश को अपीलीय अदालत के समक्ष चुनौती दी जा सके। अदालत ने उनके आग्रह को खारिज करते हुए आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि ज़मानत बांड को कल ड्यूटी जज के समक्ष पेश किया जाना है।
अदालत ने अपने आदेश में केजरीवाल की जमानत एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर स्वीकार की है।
पहले 21 दिनों के लिए दी गई थी जमानत
इससे पहले भी केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए सुप्रीम कोर्ट से 21 दिनों की जमानत मिली थी। 21 दिन बाहर रहने के बाद उन्होंने 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। बचाव पक्ष के वकील ने विक्रम चौधरी ने कहा कि ईडी के आरोपों का कोई सबूत नहीं है। चौधरी ने तर्क दिया था कि क्या ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है या कुछ राजनीतिक आकाओं के हाथों में खेल रही है? ईडी अपने सभी निष्कर्ष परिकल्पना के आधार पर निकालती है। उन्होंने कहा था कि केजरीवाल को किसी दूसरे व्यक्ति की तरह ही स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। चौधरी ने कहा मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार न करें। मैं नहीं चाहता कि मेरे साथ किसी खास व्यक्ति की तरह व्यवहार किया जाए। लेकिन मेरे साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप किसी सामान्य व्यक्ति के साथ करते हैं।
21 मार्च को हुई थी केजरीवाल की गिरफ्तारी
आपको बता दें दिल्ली के शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब विक्रेताओं से प्राप्त रिश्वत का इस्तेमाल गोवा मंह आम आदमी पार्टी के चुनावी अभियान के लिए किया गया था और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से और अप्रत्यक्ष रूप से धन शोधन के अपराध के लिए उत्तरदायी हैं। केजरीवाल ने आरोपों से इनकार किया है और ईडी पर जबरन वसूली का रैकेट चलाने का आरोप लगाया है।