देवरिया।देश का पहला सूर्य मिशन आदित्य L-1 इतिहास रचने रवाना हो चुका है।आदित्य L-1 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से सफलता पूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। मिशन की लॉन्चिंग तय समयानुसार 11बजकर 50 मिनट पर की गई।इसे लॉन्च करने के लिए पोलर सैटेलाइट व्हीकल, PSLV-C57का इस्तेमाल किया गया। पीएसएलवी-सी57 रॉकेट के जरिए लॉन्चन करने के बाद इसरो इसे धरती की निचली कक्षा में स्थारपित करेगा।

लाख किलोमीटर की दूरी तय करेगा आदित्य एल-1
भारत का पहला सूर्य मिशन, आदित्य एल 1 धरती से करीब 15 लाख किलोमीटर की दूरी तक जाएगा और सूर्य का अध्ययन करेगा। इस मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष में मौसम की गतिशीलता, सूर्य के तापमान, पराबैगनी किरणों के धरती पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तार से अध्ययन संभव हो पाएगा। आदित्य एल1 को सूर्य-पृथ्वी की व्यवस्था के लाग्रेंज बिंदु 1 के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा में रखा जाएगा, जो पृथ्वी से करीब 15 लाख Km दूर है। यहां से सूर्य को बिना किसी व्यवधान या ग्रहण के लगातार देखने का लाभ मिलेगा।
18 सितम्बर तक धरती की कक्षा में रहेगा आदित्य-एल1
आदित्य-एल1 ने लॉन्चिंग के बाद अपने सभी शुरुआती सेपरेशन के स्टेप्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। आदित्य एल-1को ले जाने वाला रॉकेट पीएसएलवी स्पेसक्रॉफ्ट को धरती की कक्षा में प्रक्षेपित करेगा। प्रक्षेपण के बाद आदित्य-एल1 अगले 16 दिनों यानी 18 सितम्बर तक पृथ्वी की कक्षा में ही घूमता रहेगा। आदित्य एल-1 कोपीएसएलवी से लॉन्च किया गया है और यह पीएसएलवी का 59वां लॉन्च है। इसकी सफलता का प्रतिशत 99 फीसदी है।
प्रधानमंत्री ने दी बधाई
सौर मिशन की सफल लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर इसरो वैज्ञानिको को बधाई दी और उनका हौसला बढ़ाया, उन्होंने लिखा- “चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा जारी रखी है। भारत के पहले सौर मिशन, आदित्य-एल1 के सफल प्रक्षेपण के लिए @isro के हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए ब्रह्मांड की बेहतर समझ विकसित करने के लिए हमारे अथक वैज्ञानिक प्रयास जारी रहेंगे।”
मिशन की सफलता के लिए मंगलकामनाएं: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बधाई देते हुए कहा- “ संपूर्ण मानवता की सेवा के ध्येय के साथ आज ‘नए भारत’ की सामर्थ्य का प्रतीक PSLV-C57/Aditya-L1 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 140 करोड़ देश वासियों की आशाओं का ‘नया सूर्य’ बने इस प्रतिष्ठित मिशन की पूर्ण सफलता के लिए अनेक मंगलकामनाएं! चंद्रमा के साथ ही अब सूर्य भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ की शक्ति का साक्षी बनेगा। @isro सहित पूरी टीम को हार्दिक बधाई! ”