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कुंभ का अनोखा श्री ‘राम बैंक’, जहां राम नाम का मिलता है ऋण

देवरिया। संगम नगरी प्रयागराज में लगे महाकुंभ का माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक और भक्तिमय है। प्रयागराज पहुंचते ही सनातन धर्म के अलग-अलग रंग दिखाई देने लगते हैं। यहां आपको भक्ति के कई रूप नजर आएंगे। मेला क्षेत्र में ऐसा ही कुछ अनुभव आपको ‘श्री राम बैंक’ (Shri Ram Bank) से मिलेगा। जी हां राम नाम का ऋण देने वाले इस अनोखे बैंक की शाखा कुंभ में खुली है। माना जाता है यहां से मिलने वाले ऋण से सिर्फ लोक ही नहीं परलोक भी सुधर जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं क्या है ‘श्री राम बैंक’ और यहां से कैसे मिलता है राम नाम का ऋण।

ऋण के रूप में मिलता है राम का नाम

राम के नाम का यह बैंक (Shri Ram Bank) भी सामान्य बैंकों की तरह ही काम करता है। अंतर सिर्फ इतना है कि यहां ऋण के रूप में कैश या रुपए नहीं बल्की राम का नाम मिलता है। इस कर्ज को राम के नाम के साथ ही चुकाना पड़ता है।(Shri Ram Bank) बैंक में सामान्य बैंकों की तरह कई शाखाएं, बैंक मैनेजर और बाकी कर्मचारी हैं। कुंभ में लगे इस बैंक में खाता भी दूसरे बैंकों की तरह ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से खोले जाते हैं। यहां पर राम नाम का ऋण लेने वाले भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ रहे हैं।

कैसे मिलता है राम नाम का ऋण?

श्री राम बैंक(Shri Ram Bank) में कम से कम डेढ़ लाख राम के नाम का ऋण मिलता है। श्रद्धालु चाहें तो उससे ज्यादा का ऋण भी ले सकते हैं। ऋण लेने के लिए सबसे पहले बैंक में अपना खाता खुलवाना होता है। खाता खुलवाने के लिए सिर्फ एक पहचान पत्र साथ लाना होता है जिसमें खाताधारक की फोटो भी लगी हो। इसके बाद श्री राम बैंक से राम नाम लिखने के लिए छपी हुई कापियां मिलती है। जिसमें खाली जगहों पर राम नाम लिखाना होता है। कॉपी पूरी तरह से भर कर फिर से इसी बैंक में जमा करन होता है।

Shri Ram Bank के हैं कुछ नियम

राम नाम का ऋण लेने वाले व्यक्ति को बैंक के कुछ नियमों का पालन करना पड़ता है। राम नाम के ऋण में राम नाम का पाठ और जप भी करना होत है। सभी के लिए समय अवधि तय होती है। राम नाम लिखने के दौरान ऋण धारक को सात्विक जीवन जीना होता है। लहसुन-प्याज वाला भोजन खाना और बनाना दोनों वर्जित होता है। साथ ही जन्म और मृत्यु के दौरान का भोजन खाना भी मना रहता है। राम नाम का कर्ज पूरा ना होने तक झूठ बोलने से बचना चाहिए साथ ही बूरे विचारों से दूर रहना होता है।

राम नाम के कर्ज से पूरी होती है मन्नत

श्री राम बैंक की अस्थाई शाखा महाकुंभ में खोली गई है लेकिन इसकी मुख्य शाखा प्रयागराज और वाराणसी में लगभग 100 सालों से मौजूद है। यहां पर लोग प्रभु श्री राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने लिए तो राम का कर्ज तो लेते ही हैं साथ ही अपनी मन्नत पूरी करने के लिए ये कर्ज लेते हैं। कहा जाता है जो काम किसी और जतन से पूरा नहीं होता वो राम नाम का कर्ज लेते ही पूरा हो जाता है।

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