देवरिया। फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान प्रतिष्ठित दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजी गई हैं। वहीदा रहमान को 2021 के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया, इस दौरान वे भावुक नजर आईं।उन्होंने अपना पुरस्कार इंडस्ट्री को समर्पित किया। मंगलवार को 69वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिए गए। आलिया भट्ट और कृति सेनन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा जगत का सबसे प्रतिष्ठित और सम्मानित पुरस्कार माना जाता है

अल्लू अर्जुन बेस्ट एक्टर, आलिया, कृति सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्रियां
दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपर स्टार अल्लू अर्जुन को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला वहीं बेस्ट एक्ट्रेस के लिए दो अभिनेत्रियों को चुना गया। आलिया भट्ट को फिल्म गंगू बाई के लिए और कृति सेनन को फिल्म मिमि के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। दोनों ही एक्ट्रेस का यह पहला नेशनल अवॉर्ड है। अवॉर्ड मिलने के बाद आलिया ने कहा- ”मैं दिल से आभारी हूं ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के लिए अपना पहला राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने का सम्मान मिला। संजय लीला भंसाली को विशेष धन्यवाद। वहीं कृति सेनन ने कहा- ”एक दशक के भीतर राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना बहुत बड़ी बात है। मैं खुश महसूस कर रही हूं।”

अल्लू अर्जुन को पहली बार मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
तेलुगु सिनेमा के सुपर स्टार अल्लू अर्जुन के दीवाने सिर्फ साउथ में ही नहीं हैं बल्की उनको चाहने वाले पूरे देश में हैं। अल्लू को उनकी ब्लॉक बस्टर हिट फिल्म “पुष्पा द राइज” के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। अल्लू का यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है। अल्लू अर्जुन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा- ”यह क्षण शब्दों से परे है। मैं वास्तव में विनम्र और सम्मानित महसूस कर रहा हूं।”
पंकज त्रिपाठी और पल्लवी जोशी बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर
अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी को फिल्म मिमी के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। वहीं, पल्लवी जोशी को ‘द कश्मीर फाइल्स’ के लिए बेस्टट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला।

फिल्म उधम सिंह को 5 नेशनल अवॉर्ड
क्रांतिकारी सरदार उधम सिंह की बायोपिक पर बनी फिल्म “सरदार उधम” जिसे शूजित सरकार ने निर्देशित किया था पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये। फिल्म में विक्की कौशल ने सरदार उधम सिंह का रोल निभाया था। फिल्म को बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म, बेस्ट सिनेमैटोग्राफी,बेस्ट ऑडियोग्राफी, बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन और बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किये गये।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतने वाली फिल्म और कलाकारों के नाम इस प्रकार हैं-
बेस्ट फीचर फिल्म- रॉकेट्री
बेस्ट निर्देशक- निखिल महाजन, गोदावरी
बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट- आरआरआर
राष्ट्रीय एकता पर बेस्ट फीचर फिल्म के लिए नरगिस दत्त पुरस्कार- द कश्मीर फाइल्स
बेस्ट एक्टर- अल्लू अर्जुन (पुष्पा)
बेस्ट एक्ट्रेस- आलिया भट्ट( गंगूबाई काठियावाड़ी) और कृति सेनन ( मिमी)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- पंकज त्रिपाठी ( मिमी)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस- पल्लवी जोशी ( द कश्मीर फाइल्स)
बेस्ट चाइल्ट आर्टिस्ट- भाविन रबारी ( छैलो शो)
बेस्ट स्क्रीनप्ले (ओरिजनल)- शाही कबीर ( नयट्टू)
बेस्ट स्क्रीनप्ले (एडेप्टेड)- संजय लीला भंसाली और उत्कर्षिनी वशिष्ठ (गंगूबाई काठियावाड़ी)
बेस्ट डायलॉग राइटर- उत्कर्षिनी वशिष्ठ और प्रकाश कपाड़िया (गंगूबाई काठियावाड़ी)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर (सॉन्ग्स)- देवी श्री प्रसाद ( पुष्पा)
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (बैकग्राउंड म्यूजिक)- एमएम कीरावनी (आरआरआर)
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर- काला भैरव ( आरआरआर)
बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर- श्रेया घोषाल, इराविन निज़ल
बेस्ट लिरिक्स- चंद्रबोस, कोंडा पोलम का धम धम धम
बेस्ट हिंदी फिल्म- सरदार उधम
बेस्ट कन्नड़ फिल्म- 777 चार्ली
बेस्ट मलयालम फिल्म- होम
बेस्ट गुजराती फिल्म- छैलो शो
बेस्ट तमिल फिल्म- कदैसी विवासयी
बेस्ट तेलुगु फिल्म- उप्पेना
बेस्ट मैथिली फिल्म- समानान्तर
बेस्ट मिशिंग फिल्म- बूम्बा राइड
बेस्ट मराठी फिल्म- एकदा काय जाला
बेस्ट बंगाली फिल्म- कल्कोक्खो
बेस्ट असमिया फिल्म- अनुर
बेस्ट मेइतिलोन फिल्म- इखोइगी यम
बेस्ट उड़िया फिल्म- प्रत्यक्षा
इंदिरा गांधी अवॉर्ड फॉर बेस्ड डेब्यू फिल्म ऑफ डायरेक्टर- मेप्पडियन, विष्णु मोहन
सामाजिक मुद्दों पर बेस्ट फिल्म- अनुनाद – द रेज़ोनेंस
बेस्ट फिल्म ऑन एनवायरमेंट कंजर्वेशन/प्रिजर्वेशन- आवासव्यूहम
बेस्ट बाल फिल्म- गांधी एंड कंपनी
बेस्ट ऑडियोग्राफी (लोकेशन साउंड रिकॉर्डिस्ट)- अरुण असोक और सोनू केपी, चविट्टू
बेस्ट ऑडियोग्राफी (साउंड डिजाइनर)- अनीश बसु, झिल्ली
बेस्ट ऑडियोग्राफी (री-रिकॉर्डिस्ट ऑफ द फाइनल मिक्स्ड ट्रैक)- सिनॉय जोसेफ, सरदार उधम
बेस्ट कोरियोग्राफी- प्रेम रक्षित, आरआरआर
बेस्ट सिनेमाटोग्राफी- अविक मुखोपाध्याय, सरदार उधम
बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर- वीरा कपूर हां, सरदार उधम
बेस्ट स्पेशल इफेक्ट्स- श्रीनिवास मोहन, आरआरआर
बेस्ट प्रोडक्शन डिज़ाइन- दिमित्री मलिक और मानसी ध्रुव मेहता, सरदार उधम
बेस्ट एडिटिंग- संजय लीला भंसाली, गंगूबाई काठियावाड़ी
बेस्ट मेकअप- प्रीतिशील सिंह, गंगूबाई काठियावाड़ी
बेस्ट स्टंट कोरियोग्राफी- किंग सोलोमन, आरआरआर
स्पेशल जूरी पुरस्कार- शेरशाह, विष्णुवर्धन
स्पेशल मेंशन- 1. स्वर्गीय श्री नल्लंदी, कदैसी विवासयी 2. अरन्या गुप्ता और बिथन बिस्वास, झिल्ली 3. इंद्रांस, होम 4. जहांआरा बेगम, अनुर
बेस्ट नॉनफीचर फिल्म- एक था गांव
बेस्ट डायरेक्शन (नॉन-फीचर फिल्म)- बकुल मटियानी, स्माइल प्लीज़
बेस्ट डेब्यू नॉन फीचर फिल्म ऑफ ए डायरेक्टर- पांचिका, अंकित कोठारी
बेस्ट एंथ्रोपोलॉजिकल फिल्म- फायर ऑन एज
बेस्ट बायोग्राफिकल फिल्म- 1. रुखु मतिर दुखु माझी, 2. बियॉन्ड ब्लास्ट
बेस्ट आर्ट्स फ़िल्में- टी.एन. कृष्णन बो स्ट्रिंग्स टू डिवाइन
सबेस्ट साइंड एंड टेक्नोलॉजी फ़िल्में- एथोस ऑफ़ डार्कनेस
बेस्ट प्रमोशनल फिल्म- लुप्तप्राय विरासत ‘वर्ली आर्ट’
बेस्ट पर्यावरण फिल्म (नॉन-फीचर फिल्म)- मुन्नम वलावु
सामाजिक मुद्दों पर बेस्ट फिल्म (नॉन-फीचर फिल्म)- 1. मिट्ठू दी, 2. थ्री टू वन
बेस्ट इंवेस्टिगेटिव फिल्म- लुकिंग फॉर चालान
बेस्ट एक्सप्लोरेशन फिल्म- आयुष्मान
बेस्ट एजुकेशनल फिल्म- सिरपिगलिन सिरपंगल
बेस्ट शॉर्ट फिक्शन फिल्म- दाल भात
बेस्ट एनिमेशन फिल्म- कंदित्तुंडु
बेस्ट फिल्म ऑफ फैमिली वैल्यूज- चांद सांसें
बेस्ट सिनेमैटोग्राफी (नॉन-फीचर फिल्म)- बिट्टू रावत, पाताल
बेस्ट ऑडियोग्राफी (री-रिकॉर्डिस्ट ऑफ द फाइनल मिक्स्ड ट्रैक) (नॉन-फीचर फिल्म)- उन्नी कृष्णन, एक था गांव
बेस्ट प्रोडक्शन साउंड रिकॉर्डिस्ट (लोकेशन/सिंक साउंड) (नॉन-फीचर फिल्म)- सुरुचि शर्मा, मीन राग
बेस्ट एडीटिंग (नॉन-फीचर फिल्म)- अभ्रो बनर्जी, इफ मेमोरी सर्व्स मी राइट
बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (नॉन-फीचर फिल्म)- ईशान दिवेचा, सक्सेलेंट
बेस्ट नैरेशन/वॉयस ओवर नॉन-फीचर फिल्म)- कुलदा कुमार भट्टाचार्जी, हाथीबंधु
स्पेशल मेंशन (नॉन-फीचर फिल्म)- 1. अनिरुद्ध जटकर, बाले बंगारा, 2. श्रीकांत देवा, करुवराई, 3. स्वेता कुमार दास, द हीलिंग टच, 4. राम कमल मुखर्जी, एक दुआ
स्पेशल जूरी पुरस्कार (नॉन-फीचर फिल्म)- शेखर बापू रणखंबे, रेखा
सिनेमा पर बेस्ट पुस्तक- म्यूजिक बाय लक्ष्मीकांत प्यारेलाल- द इनक्रेडिबली मेलोडियस जर्नी बाय राजीव विजयकर
बेस्ट फ़िल्म क्रिटिक- पुरूषोत्तम चार्युलु
बेस्ट फ़िल्म क्रिटिक (स्पेशल मेंशन)- सुब्रमण्य बंडूर