देवरिया। आंध्रप्रदेश के तिरूपति मंदिर में बुधवार को भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में दर्शन करने आए 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। वहीं लगभग 40 लोग घायल हैं जिन्हें अस्पाल में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ हादसा?

बताया जा रहा है यह हादसा बैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेते वक्त हुआ। घटना तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में हुई। यहां पर बैकुंठ द्वार दर्शन के लिए टोकन लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। किसी कारण से पीछे वाली भीड़ के लोग अचानक भागने लगे जिसके बाद पूरी भीड़ अनिंयंत्रित हो गई। भीड़ बहुत ज्यादा होने से भागदौड़ के बीच लोग गिरने लगे और दम घुटने से लोगों की मौत हो गई।

क्या है बैकुंठ द्वार दर्शन

बैकुंठ द्वार तिरुपति मंदिर के अंदर गर्भगृह के बाजू में स्थित है। यह साल में सिर्फ एक बार बैकुंठ एकादशी के दिन खुलता है। इसलिए बैकुंठ द्वार के दर्शन के लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। यहां के दर्शन मिलना सौभाग्य माना जाता है।ऐसी मान्यता है कि बैकुंठ दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस बार 10 जनवरी को बैकुंठ एकादशी पड़ने वाली है। बैकुंठ द्वार को दर्शन के लिए 10 जनवरी से 19 जनवरी तक खोला जाना है। इसीलिए श्रद्धालु दर्शन का टोकन लेने के लिए जमा हुए थे। श्रद्दालुओं की संख्या ज्यादा होने और धक्का-मुक्की होने से भगदड़ की स्थिति हो गई।

पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया

इस घटना पर पीएम मोदी ने कहा कि- “आंध्र प्रदेश के तिरूपति में भगदड़ से आहत हूं। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। आंध्र प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।”

सीएम नायडू ले रहे हैं घटना का अपडेट

सीएम चंद्रबाबू नायडू पूरी घटना पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। सीएम ऑफिस की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि-“मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना में घायलों को दिए जा रहे उपचार के बारे में अधिकारियों से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को घटनास्थल पर जाकर राहत उपाय करने के आदेश दिए हैं ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके।”

ये भी पढ़ें- https://newsdeoria.com/health-department-put-on-alert-due-to-cold-wave-in-uttar-pradesh/