11 ट्रकों में रवाना किए गए 3 हजार क्विंटल चावल
छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, यहां पर सबसे ज्यादा किस्म की चावल उगाई जाती है। साथ ही छत्तीसगढ़ प्रभु श्री राम की माता कौशल्या का मायका भी मान जाता है इस लिहाज से छत्तीसगढ़ श्री राम का ननिहाल होगा। ग्रंथों में छत्तीसगढ़ का कौशलराज के नाम से भी उल्लेख किया गया है। श्री राम से इतना गहरा नाता होने की मान्यता की वजह से छत्तीसगढ़ में भी प्राण प्रतिष्ठा के लिए काफी उत्साह है। मंगलवार को सीएम विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर सभी 11 ट्रकों को अयोध्या रवाना किया, इन ट्रकों में 3 हजार क्विंटल उत्तम क्वालिटी का सुगंधित चावल भेजा गया है।
राज्य राइसमिलर्स एसोसिएशन की तरफ से दी गई भेंट
अयोध्या को यह भेंट राज्य के राइसमिलर्स एसोसिएशन की तरफ से दी गई है। राज्य के सभी 33 जिलों से सबसे अच्छे किस्म के चावल को एकत्र किया गया है। राइसमिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अयोध्या राम मंदिर समिति के पदाधिकारी चंपत राय ने छत्तीसगढ़ राइसमिलर्स को पत्र लिखकर चावल भेजने का अनुरोध किया था। जिसे एसोशिएशन ने सौभाग्य मानते हुए खुशी-खुशी स्वीकार किया और सबसे अच्छी क्वालिटी का चावल भेजने का फैसला किया।
गुजरात से भेजी गई 108 फीट धूप बत्ती
गुजरात के राम भक्त गोपालक विहा भाई भरवाड ने एक विशाल अगरबत्ती बनाई है, जिसकी लंबाई 108 फीट और गोलाई 3.5 फीट है। यह विशाल धूप बत्ती राम मंदिर को एक से डेढ़ महीने तक सुंगधित करती रहेगी। इसे बनाने के लिए कई प्रकार की हवन सामग्रियों का उपयोग किया गया है। 3.5 किलो की अगरबत्ती प्रोटोकॉल के साथ सड़क मार्ग से रथ में रखकर 1 जनवरी को सुबह 10 बजे वडोदरा से अयोध्या के लिए रवाना की गई। बताया जा रहा कि एक बार अगरबत्ती जलने के बाद यह डेढ़ महीने तक जलती रहेगी।